बाराबंकी। सामाजिक दुनिया में पिछले कई दशकों से स्थापित रहे फौजदारी के सीनियर एडवोकेट मोहम्मद एखलाक अहमद के निधन पर आज गाँधी भवन में शोकसभा का आयोजन किया गया।
सभा की अध्यक्षता कर रहे समाजवादी चिंतक राजनाथ शर्मा ने कहा कि मूलतःरुदौली के कदीमी रहने वाले मो एखलाक ईमानदार, निश्चल और मृदभाषी व्यक्ति थे। बाराबंकी की आवाम ने आज एक असाधारण वकील और लब्ध प्रतिष्ठ जनसेवक को खो दिया। रुदौली वापसी आंदोलन के हस्ताक्षर रहे एखलाक साहब ने न्यायालय और सार्वजनिक जीवन दोनों में समृद्ध योगदान दिया है।
श्री शर्मा ने कहा कि मो एखलाक मजाकिया, साहसी और कभी भी किसी भी विषय पर साहसपूर्वक बोलने से नहीं कतराते थे। जरूरतमंदों की मदद करना उनके व्यक्तित्व का एक अभिन्न हिस्सा था। रुदौली वापसी आंदोलन के सतत संघर्ष और उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।
श्री शर्मा ने बताया कि मो एखलाक गांधीवादी विचारधारा के व्यक्ति थे। वह गाँधी जयंती समारोह ट्रस्ट के सभी गतिविधियों के सहभागिता करते थे। गाँधी ट्रस्ट परिवार को उनकी कमी हमेशा खलेगी। सभा के अंत में दो मिनट का मौन रखकर ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति की
प्रार्थना की गई।
इस मौके पर प्रमुख रूप से सरदार राजा सिंह, विनय कुमार सिंह, मृत्युंजय शर्मा, अशोक शुक्ला, सत्यवान वर्मा, पाटेश्वरी प्रसाद, पीके सिंह, इफ्तिखार हुसैन, अशोक जायसवाल, साकेत मौर्य सहित कई लोग मौजूद रहे।
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